कस्टमर केयर की छोरी

शाम – सबेरे तेरी घणी याद आवै है। सारी रात मन्नै जगावै है।
करने को तो करूं तन्नै कॉल।
… पर कस्टमर केयर की छोरी हर बार बैलंस लो बतावै है।

तेरा मुँह दुक्खै स

एक बै फत्तू खेत म्ह रेडियो स*ुणे था। रेडियो पै एक लुगाई बताण लाग री थी, बंबई मै बाढ़ आ गी, गुजरात मै हालण आग्या, दिल्ली म्ह… फत्तू नै देख्या पाच्छै नाका टूट्या पड़्या स*ै, अर बाणी दूसरे के खेत म्ह जाण लाग रहया स*ै। फत्तू छोंह म्ह आकै रेड़ियो कै दो लट्ठ मारकै बोल्या – दूर-दूर की बताण लाग री स*ै, लवै नाका टूट्या पड़या स*ै, यो बतांदे होए तेरा मुँह दुक्खै स*ै।

फत्ते नम्बरदार

सोमवार का दिन था ।

फत्ते नै सोची चाल आज भोले शंकर धोरै चाल्लां, मंदिर कानी चाल
पडा ।

एक मंदिर मेँ बड गया ।

भीतर जाकै देखा – गणेश जी का मंदिर था ।

गणेश जी धोरै जाकै न्यू बोलया – छोटू ! अपने बाबू नै कहिये – फत्ते
नम्बरदार आया था ।।